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पटना विमेंस कॉलेज में “नज़्म-ए-आज़ादी” प्रोग्राम का इनाक़ाद

पटना, 29 अगस्त 2026 – पटना विमेंस कॉलेज के कारमेल हॉल में आज शोबा-ए-उर्दू और पोएसिस पोएट्री क्लब के इश्तेराक से “नज़्म-ए-आज़ादी” के उनवान से एक बावक़ार अदबी प्रोग्राम का इनाक़ाद किया गया।

प्रोग्राम का आग़ाज़ सदर शोबा-ए-अंग्रेज़ी मोहतरमा सहर रहमान साहिबा ने किया। उन्होंने मारूफ़ शायर साहिर लुधियानवी की नज़्म निहायत ख़ूबसूरती से पेश की और “नज़्म-ए-आज़ादी” के मौज़ू पर एक मुख़्तसर मगर जामे तआरुफ़ पेश किया।

इस के बाद सदर शोबा-ए-उर्दू डॉक्टर रियाज़ अहमद साहब ने जोश मलीहाबादी की मशहूर इनक़ेलाबी नज़्म “शिकस्त-ए-ज़िंदाँ का ख़्वाब” अपनी दिलकश और पुर-असर आवाज़ में पेश कर के महफ़िल में जोश-ओ-वलवला भर दिया।

इस अदबी नशिस्त में कुल दस तालिबात ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और हुब्ब-उल-वतनी से सरशार नज़्में पेश कीं। तमाम शुरका में शोबा-ए-उर्दू की तालिबा तहज़ीब की पेशकश को सब से बेहतरीन क़रार दिया गया, जिन्होंने अपनी बेहतरीन आवाज़ और अंदाज़-ए-बयान से हाज़िरीन के दिल जीत लिए।

प्रोग्राम की निज़ामत के फ़राइज़ निहायत ख़ुश-उसलूबी से उम्मे हबीबा और अदीबा फ़ातिमा ने अंजाम दिए।

आख़िर में असातिज़ा ने तालिबात की हौसला-अफ़ज़ाई की और कहा कि इस तरह के प्रोग्राम उर्दू व अंग्रेज़ी अदब से तलबा के रिश्ते को मज़बूत करते हैं और आज़ादी की क़द्र-ओ-क़ीमत का एहसास दिलाते हैं।